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⛓️ स्लिंग, रिगिंग और वायर रोप

सऊदी अरब में आई बोल्ट इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन

आई बोल्ट एक थ्रेड वाला फोर्ज्ड बोल्ट होता है, जिसके ऊपर एक रिंग होती है। इसे मोटर, गियरबॉक्स, मशीन या फैब्रिकेटेड आइटम के टैप किए हुए छेद में कसकर लिफ्टिंग पॉइंट बनाया जाता है। कॉलर्ड (शोल्डर वाले) आई बोल्ट से एंगल वाली लिफ्ट तभी की जा सकती है, जब वे सही ढंग से बैठे हों और उनकी क्षमता घटाकर (डीरेटिंग करके) इस्तेमाल की जाए। प्लेन डी या बो आई बोल्ट सिर्फ सीधे, यानी शैंक की सीध में खिंचाव तक सीमित होते हैं। सऊदी वर्कशॉप और प्लांट में मेंटेनेंस लिफ्ट के लिए ये बहुत इस्तेमाल होते हैं, और इनका गलत इस्तेमाल भी आम है, क्योंकि स्लिंग एंगल बढ़ने और थ्रेड एंगेजमेंट कम होने से क्षमता तेज़ी से घटती है। स्वतंत्र जाँच से अंदाज़े से काम लेने की ज़रूरत नहीं रहती।

आई बोल्ट में हम क्या-क्या जाँचते हैं

  • ✓कॉलर का लोड वाली सतह पर सपाट और सीधा बैठना, बीच में कोई गैप नहीं; ठीक से न बैठना रिजेक्ट करने का आधार है
  • ✓थ्रेड की हालत, एंगेजमेंट की लंबाई, और टैप किए हुए छेद में थ्रेड का सही टाइप और साइज़
  • ✓शैंक में मुड़ाव, पतला होना (नेकिंग), खिंचाव और थ्रेड की खराबी
  • ✓आई में खिंचाव, घिसाव, दरार और टेढ़ापन, खासकर जहाँ शैकल या हुक टिकता है
  • ✓WLL, थ्रेड साइज़ और मैन्युफैक्चरर दिखाने वाली मार्किंग, और यह कि आई बोल्ट कॉलर्ड है या प्लेन
  • ✓जंग और पिटिंग, खासकर तटीय और मरीन माहौल में
  • ✓संदिग्ध आई और शोल्डर रेडियस की मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग (MPI)
  • ✓असली स्लिंग एंगल और लिफ्टिंग प्लान के हिसाब से क्षमता की जाँच, जिसमें एंगल वाली लिफ्ट की डीरेटिंग लागू की गई हो

हमें आम तौर पर मिलने वाले दोष

  • ✓साइड लोडिंग या ओवरलोड के बाद शैंक का मुड़ना या थ्रेड का खिंच जाना
  • ✓ठीक से न लगाने के कारण थ्रेड का खराब होना या क्रॉस-थ्रेडिंग
  • ✓कॉलर का सतह पर न बैठना, अक्सर इसलिए कि कम गहरे छेद में थ्रेड तली तक पहुँच जाता है, या रिसेस या स्पेसर की वजह से कॉलर सतह से उठा रह जाता है
  • ✓आई का खिंचना या घिसना, जहाँ शैकल या हुक टिकता है
  • ✓एंगल वाली लिफ्ट में प्लेन-पैटर्न आई बोल्ट का इस्तेमाल

सर्टिफिकेशन के बिना उपकरण का उपयोग करने के जोखिम

  • ✓एंगल पर लोड पड़ने पर शैंक टूटने या थ्रेड बाहर खिंच जाने से उठाया गया कंपोनेंट गिर सकता है।
  • ✓मैन्युफैक्चरर की डीरेटिंग टेबल में दिए गए एंगल से ज़्यादा एंगल पर आई बोल्ट इस्तेमाल करने से वह अपनी मार्क की गई WLL से काफी कम लोड पर ही ओवरलोड हो सकता है।
  • ✓थ्रेड एंगेजमेंट कम होने या कॉलर के ठीक से न बैठने पर आई बोल्ट लिफ्ट के दौरान मुड़ सकता है या उसके थ्रेड उखड़ सकते हैं।

टेस्टिंग, मानक और इंस्पेक्शन का अंतराल

लोड / परफॉर्मेंस टेस्ट

जहाँ ज़रूरी हो, नए या रीकंडीशन किए हुए आई बोल्ट पर प्रूफ लोड टेस्ट आमतौर पर स्टैंडर्ड और क्लाइंट के अनुसार वर्किंग लोड लिमिट के लगभग दोगुने पर किया जाता है, साथ में मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग (MPI) भी होती है। उपकरण पर लगे आई बोल्ट की जाँच आमतौर पर विज़ुअल जाँच और माप से की जाती है।

इंस्पेक्शन का अंतराल

आमतौर पर इस्तेमाल करने वाला हर लिफ्ट से पहले इसकी जाँच करता है, और लिफ्टिंग टैकल के रूप में रखे जाने पर कम से कम साल में एक बार जाँच होती है। जहाँ आई बोल्ट उपकरण पर लगे ही छोड़ दिए जाते हैं और उपकरण चालू रहता है, वहाँ जाँच और ज़्यादा बार की जाती है।

संदर्भित मानक

  • ASME B30.26 (रिगिंग हार्डवेयर)
  • ASME B18.15 (फोर्ज्ड आई बोल्ट)
  • DIN 580 (लिफ्टिंग आई बोल्ट)
  • मैन्युफैक्चरर के स्पेसिफिकेशन और लोड चार्ट

यह इंस्पेक्शन हमारी इस सेवा का हिस्सा है: लिफ्टिंग इक्विपमेंट इंस्पेक्शन और लोड टेस्टिंग। जाँच में पास होने वाले उपकरण के लिए आपको इंस्पेक्शन रिपोर्ट, अनुरूपता प्रमाणपत्र (CoC) और इंस्पेक्शन टैग मिलते हैं।

इन उपकरणों का उपयोग करने वाले उद्योग

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कॉलर्ड आई बोल्ट का इस्तेमाल एंगल वाली लिफ्ट में किया जा सकता है?+

कॉलर्ड (शोल्डर वाले) आई बोल्ट पर एंगल लोड तभी डाला जा सकता है जब वे पूरी तरह बैठे हों और क्षमता मैन्युफैक्चरर की एंगल टेबल के अनुसार घटा दी जाए। प्लेन आई बोल्ट पर लोड सिर्फ शैंक की सीध में ही डालें।

आई बोल्ट को कितना अंदर तक कसना चाहिए?+

तब तक कसें, जब तक कॉलर सतह पर कसकर और सपाट न बैठ जाए और थ्रेड एंगेजमेंट उतना न हो जाए जितना मैन्युफैक्चरर ने उस मटीरियल के लिए बताया है। अगर कॉलर नहीं बैठता या थ्रेड तली तक पहुँच जाता है, तो उसे इस्तेमाल न करें। दूसरा साइज़ या दूसरा लिफ्टिंग पॉइंट चुनें।

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